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Excerpt for कथा सागर: 25 प्रेरणा कथाएं (भाग 12) by , available in its entirety at Smashwords

कथा सागर: 25 प्रेरणा कथाएं (भाग 12)

राजा शर्मा

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कथा सागर: 25 प्रेरणा कथाएं (भाग 12)

राजा शर्मा

Copyright@2018 राजा शर्मा Raja Sharma

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कथा सागर: 25 प्रेरणा कथाएं (भाग 12)

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दो शब्द

अंधे के हीरे Andhe Ke Heere

वैज्ञानिक और यमदूत Vaigyanik Aur Yamdoot

ईमानदार अब्राहम लिंकन Imandar Abraham Lincoln

एंथोनी बर्गेस Anthony Burgess

दोस्त की प्रार्थना Dost Ki Prarthna

मेज़पोश Mejposh

क्या सही क्या गलत Kya Sahi Kya Galat

ये आपके लिए है Ye Aapke Liye Hai

मासूम सवाल Masoom Sawaal

आलू, अंडे या कॉफी Aloo, Andey, ya Coffee

आवारा ख़ुशी Awaara Khushi

पन्ना दाई का बलिदान Panna Dai Ka Balidan

हे राम! Hey Ram!

सच्ची शांति Sachhi Shanti

बूढ़े पति पत्नी Boodhey Pati Patni

बच्चे और आध्यात्मिकता Bacche Aur Adhyatmikta

तू काला मैं गोरा Tu Kala Main Gora

एक जीवन बचाना Ek Jeevan Bachana

कचरा उठाने वाला Kachra Uthaney Waala

जीवन के सत्य Jeevan Ke Satya

सब निर्धारित है Sab Nirdharit Hai

भगवान् पत्थर मारते हैं Bhagwaan Patthar Martey Hain

बाधाएं भी शिक्षक हैं Badhayein Bhi Shikshak Hain

आप भी कर सकते हैं Aap Bhi Kar Saktey Hain

कठिन समय Kathin Samay


दो शब्द


विश्व के प्रत्येक समाज में एक पीढ़ी द्वारा नयी पीढ़ी को कथाएं कहानियां सुनाने की प्रथा कई युगों से चलती चली आ रही है. प्रारंभिक कथाएं बोलकर ही सुनायी जाती थी क्योंकि उस समय लिखाई छपाई का विकास नहीं हुआ था. जैसे जैसे समय बीतता गया और किताबें छपने लगी, बहुत सी पुरानी कथाओं ने नया जीवन प्राप्त किया.


इस पुस्तक में हम आपके लिए 25 प्रेरणा कथाएं लेकर आये हैं. यह इस श्रंखला की बारहवीं पुस्तक है. हर कथा में एक ना एक सन्देश है और इन कथाओं में युवा पाठकों, विशेषकर बच्चों, के दिमाग में सुन्दर विचार स्थापित करने की क्षमता है. ये पुस्तक आपको निराश नहीं करेगी क्योंकि ये कहानियां दुनिया के विभिन्न देशों और समाजों से ली गयी हैं.


कहानियां बहुत ही सरल भाषा में प्रस्तुत की गयी हैं. आप अपने बच्चों को ऐसी कहानियां पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करके उनपर बहुत उपकार करेंगे. आइये मिलकर कथाओं की इस परम्परा को आगे बढ़ाएं.


बहुत धन्यवाद


राजा शर्मा


अंधे के हीरे Andhe Ke Heere


वाराणसी के घाट पर एक गरीब व्यक्ति दिन रात भगवान् की पूजा प्रार्थना किया करता था. वो थोड़ा बहुत काम करके गुजारे लायक पैसे कमा लेता था परन्तु अपना अधिकांशतः समय पूजा पाठ में ही व्यतीत करता था.


वो थोड़ा घमंडी भी था और उसका अहम उसके सर चढ़कर बोलता था. वो साधारण लोगों को बिलकुल तुच्छ मानता था और स्वयं को बहुत ऊपर मानता था.


वो बहुत से साधु संतों से मिलता था और सबको कहता था के वो दिन रात पूजा पाठ करता है परन्तु भगवान् उसको गरीबी से नहीं निकाल रहे थे. वो सबको कहता भगवान् उसपर बिलकुल भी दया नहीं कर रहे थे.


एक दिन एक बहुत पहुंचे हुए संत ने उसकी बात सुनी और संत जी ने प्रभु से प्रार्थना की के उस गरीब व्यक्ति को धन दे दें.


प्रभु ने सपने में आकर संत जी से कहा के भगवान् भी उस गरीब की मदद करना चाहते थे परन्तु उस गरीब व्यक्ति का अहम् और घमंड उसके रास्ते में आ रहे थे. संत जी ने जिद की तो भगवान् उस गरीब व्यक्ति को एक मौक़ा देने को तैयार हो गए.


भगवान् ने एक छोटे से थैले में बहुत सारे हीरे भरकर उस स्थान पर छोड़ दिए जहाँ से मंदिर जाते समय वो गरीब व्यक्ति प्रतिदिन गुजरता था.


उस दिन मंदिर की तरफ जाते समय उस गरीब व्यक्ति ने सोचा, "मैं इस रास्ते पर प्रतिदिन चालीस वर्षों से आ रहा हूँ और रोज मंदिर में प्रार्थना कर रहा हूँ. आज मैं आंखें बंद करके इस रास्ते पर चलता हूँ ताकि मुझको अनुभव हो सके के अंधे व्यक्ति को कैसा लगता है.


वो गरीब व्यक्ति हाथ में एक छोटी सी लकड़ी लेकर आंखें बंद करके नदी के घाट से उस मंदिर की तरफ चल दिया. अचानक उसके पैर भगवान् द्वारा रखे गए हीरों से भरे थैले से टकराये.


उसने झुक कर उस थैले के हीरों को महसूस किया. उसकी आंखें बंद ही थी. उसने सोचा किसी ने कंकड़ भरकर उस थैले को वहां रख दिया था.


उस गरीब व्यक्ति ने अपनी आंखें नहीं खोली और आगे बढ़ गया. ठीक उसी समय एक व्यापारी उधर से गुजरा.


उसने उस अंधे बने हुए गरीब व्यक्ति को और जमीन पर पड़े हुए हीरों से भरे थैले को भी देखा. गरीब के चले जाने के बाद उस व्यापारी ने वो थैला उठाया और ख़ुशी ख़ुशी अपने घर की तरफ चल दिया.


मित्रों,


कितनी भी पूजा पाठ कर लें परन्तु यदि व्यक्ति में लेश मात्र भी घमंड या अहम् होता है तो वो सब बेकार होता है. प्रेम, विनम्रता, समानता, और संतोष ही वो गुण हैं जिनसे प्रकृति या भगवान् भी इन गुणों के स्वामी को सहयोग करने को तैयार हो जाते हैं.


अहम् या घमंड में व्यक्ति एकदम अंधा हो जाता है.


वैज्ञानिक और यमदूत Vaigyanik Aur Yamdoot


एक बहुत ही प्रतिष्ठित वैज्ञानिक था. उसने बहुत सी चीज़ों का आविष्कार किया था और खूब पैसा और नाम कमाया था. ये सब होते हुए भी उसको मृत्यु से भय बना रहता था. वो चाहता था के हमेशा ही जीवित रहे.


उसने बहुत अनुसन्धान करके वर्षों के बाद अपने जैसे १२ क्लोन बना लिए. वो सब के सब उस वैज्ञानिक के जैसे ही दिखते थे और उसके जैसे ही सोचते और काम करते थे.


उस वैज्ञानिक ने उन १२ कृतिम स्वरूपों को अपने घर के अंदर ही बंद रखा और किसी को भी उनकी भनक तक नहीं होने दी.


जब उसकी मृत्यु का समय आ पहुंचा और यमदूत उसको लेने को आया, यमदूत हैरान हो गया क्योंकि उसने देखा के उस वैज्ञानिक के घर में १३ वैज्ञानिक थे और सब के सब एक जैसे ही दिखते थे. यमदूत के लिए वास्तविक वैज्ञानिक को पहचानना बहुत मुश्किल हो गया.


यमदूत उन १३ वैज्ञानिकों के सामने खड़ा होकर बोलने लगा, "महोदय, मैं आपकी प्रशंसा करता हूँ के आपने अपने जैसे ही १२ वैज्ञानिक बना लिए हैं. फिर भी मेरे हिसाब से इस सब में एक कमी रह गयी है. अभी भी आपका प्रयोग असफल है क्योंकि वो गलती हम देख सकते हैं."


असली वैज्ञानिक से ये सहन नहीं हुआ और वो बाकि १२ स्वरूपों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ा और जोर से बोला, "बताइये क्या है मेरे प्रयोग में गलती?"


यमदूत ने हंसकर कहा, "बस यही है गलती के आप आगे आ गए!" यमदूत ने उस असली वैज्ञानिक को पकड़ा और यमराज के पास ले गया.


वो वैज्ञानिक बिलकुल सफल हो गया था और शायद वो अपने बनाये हुए स्वरूपों में हमेशा जीवित भी रहता परन्तु उसका अहम् या घमंड उसको ले डूबा और वो गलती का नाम सुनते ही उठकर खड़ा हो गया और यमदूत के हाथ आ गया.


मित्रों,


कोई भी व्यक्ति बहुत ज्ञान संचय करके और बहुत अनुसन्धान करके अपने अनुभव से कुछ भी प्राप्त कर सकता है और सफलता की सीढ़ियां लगातार चढ़ सकता है, परन्तु तीन अक्षर का शब्द '... या अंग्रेजी में .'E.G.O".उसको धराशायी कर देता है.


ईमानदार अब्राहम लिंकन Imandar Abraham Lincoln


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