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बच्चों की दुनिया: ज्ञानवर्धक कहानियां (1)

Raja Sharma

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बच्चों की दुनिया: ज्ञानवर्धक कहानियां (1)

Raja Sharma

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बच्चों की दुनिया: ज्ञानवर्धक कहानियां (1)

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दो शब्द

अवसर तो हैं

छोटी छोटी बातें

आदत

थोड़ा वापिस दे दो

टिक टिक टिक टिक

अपनी अपनी नज़र

कचरे की गाडी

दिल और कार का इंजन

तैयारी ज़रूरी है

खुद को बड़ा कर लो

दुःख को भूलो

अपना अपना काम

सदुपयोग की कला

पहले स्वयं को देखिये

अपनी प्रतिभा को जानिये

थोड़ा सा प्यार

प्यार दो प्यार लो

कोई तो कर ही देगा

ज़रूर सोंचना चाहिये



दो शब्द



अगर आप एक विचारशील अभिभावक हैं तो आप अपने बच्चों को अवश्य ही सुन्दर सुन्दर ज्ञानवर्धक कहानियां सुनाना चाहेंगे. इस पुस्तक में प्रस्तुत की गयी कहानियां बच्चों के ज्ञान में वृद्धि करने के साथ साथ उनका बहुत मनोरंजन भी करेंगी.



इस श्रंखला की ये पहली पुस्तक है. कुछ समय के बाद इस श्रंखला का दूसरा भाग भी प्रकाशित होने वाला है. आप देश विदेश जहां भी हों अपनी भाषा से जुड़े रहने का ये एक सुन्दर साधन है. आप इस पुस्तक को अपने कम्प्यूटर, आईपैड, टैबलेट, या मोबाईल पर डाउनलोड करके आसानी से पढ़ सकते हैं.



शुबकामनाएं



राजा शर्मा



अवसर तो हैं



एक शहर में चित्रों की एक बहुत ही सुन्दर दुकान थी. एक दिन सुबह सुबह एक ग्राहक उस दूकान में आया. वो उस दुकान में लगे चित्रों को देख कर असमंजस में पड़ गया क्योंकि उसको वो चित्र बहुत अजीब से लगे.



उसने पहले चित्र को देख. उस चित्र में चेहरा बालों से ढका हुआ तहत और पैरों में पंख थे. उसने दुसरे चित्र को देखा. उस चित्र में सिर पीछे से गंजा था.



उस ग्राहक ने दूकान के मालिक से कहा, "ये चित्र किसका है?"



दुकानदार ने जवाब दिया, "ये अवसर का चित्र है."



ग्राहक और असमंजस में पड़ गया पर उसने कहा, "इसके चेहरे को बालों से क्यों छुपा रखा है?"



दुकानदार में मुस्कुराते हुए कहा," क्योंकि जब भी कोई अवसर मनुष्य के सामने आता है वो उसको पहचान नहीं पाता."



ग्राहक ने फिर कहा, "पर इसके पैरों में पंखों का क्या मतलब है?"



दुकानदार ने फिर से मुस्कुराते हुए कहा, "पंख इसलिए हैं क्योंकि यदि इसको पहचान कर इसका उपयोग न हो तो ये तुरंत उड़ जाता है."



ग्राहक ने फिरस दुसरे चित्र को देखते हुए पूछा, "और यह दूसरे चित्र मे पीछे से गंजा सिर किसका है?"



दुकानार ने कहा, "ये पीछे से गांजा सर भी अवसर का ही है. आप यदि चेहरे के ऊपर के बालों को पकड़ लेंगे तो अवसर आपका हो जाएगा, पर यदि आपने उसको पकड़ने में देर कर दी तो ये भाग जाएगा और आप के हाथ से ये गंजा सर भी फिसल जाएगा."



ग्राहक ने मुस्कुराते हुए उस दूकानदार से वो दोनों चित्र खरीद लिए और ख़ुशी ख़ुशी इस नए ज्ञान के साथ घर की तरफ चल दिया.



मित्रों,



हर व्यक्ति के जीवन में अवसर आते हैं और बुद्धिमान लोग दरवाजे खोल कर उस अवसर को घर में बुला लेते हैं, और मूर्ख लोग दरवाजा बंद कर देते हैं. जो लोग अवसर को पहचान कर उसको स्वीकारने का साहस करते हैं, वो अधिकाँश तह सफल हो ही जाते हैं, परन्तु जो लोग शंका, भय, और निराशावादी होते हैं वो सुन्दर से सुन्दर अवसर को भी गँवा देते हैं.



छोटी छोटी बातें



ईसा से ५०० वर्ष पूर्व यूनान में एक बहुत छोटे से गाँव में एक लड़का रहा करता था. वो बहुत ही गरीब था और अपना गुजारा करने के लिए वो जंगल में लकड़ियां काटा करता था.



वो बालक दिनभर लकड़ियां काटता और शाम को उनको एक गट्ठर में बांधकर पास के एक शहर के बाज़ार में बेचा करता था. इसी तरह उसका जीवन यापन हो रहा था.



एक दिन एक विद्वान् उस बाज़ार से गुज़र रहा था. उसने सड़क के किनारे उस लड़के को लकड़ियां बेचते हुए देखा. उस लड़के की लकड़ियों का गट्ठर बहुत ही कलात्मक ढंग से बंधा हुआ था. वो विद्वान् बहुत ही प्रभावित हुआ.



वो विद्वान् लड़के के सामने रुका और कहा, "क्या के लकड़ी का गट्ठर तुमने ही बाँधा है?"


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